बाबा राम देव को लीज़ पर ज़मीन देने पर गरमाई सियासत

बाबा राम देव को लीज़ पर ज़मीन देने पर गरमाई सियासत
कम रेट पर जमीन देने पर कांग्रेस ने उठाये सवाल, सीएम बोले कानून के तहत दी गई जमीन

शिमला : ब्यूरो रिपोर्ट

 

 

हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार द्वारा योग गुरु बाबा राम देव को सोलन जिले के साधुपुल में लीज पर जमीन देने पर सियासत गर्म गई है ! विपक्ष ने जयराम सरकार पर प्रदेश को आर्थिक नुक्सान कर बाबा राम देव को कोडियों के भाव जमीन लीज पर दे दी है, जबकि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर नियमो के तहत लीज पर जमीन देने की बात कर रहे है !

पिछले कई सालो से सोलन जिला के साधूपुल में बाबा रामदेव लीज पर जमीन देने के लिए सरकार से आग्रह कर रहे थे,लेकिन पूर्व की कांग्रेस सरकार में उन्हें लीज पर जमीन नही दी गई और पूर्व की बीजेपी सरकार द्वारा भूमि 17,31,214 रुपये की अदायगी के पश्चात 99 साल की लीज पर 2 फरवरी 2010 को दी थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने लीज रद्द कर दी थी जिसके बाद हालाँकि 2015 में उन्हें जमीन देने के लिए सरकार राजी भी हो गई थी लेकिन उन्हें दे नही पाए ,वंही अब बीजेपी सरकार ने बाबा राम देव पर मेहरबानी करते हुए 93 बीघा जमीन दो करोड़ 39 लाख 4,720 रुपये में लीज पर दे दी है जिसके बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है ! विपक्ष का आरोप है की 12 करोड़ से अधिक के मार्केट रेट के स्थान पर सरकार ने दो करोड़ 39 लाख में ही ये जमीन उन्हें लीज पर दे दी है !

 

नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा योग गुरु बाबा रामदेव को रियायतें लौटाने पर एतराज जताते हुए कहा कि बाबा रामदेव अब शुद्ध व्यापारी हैं और वर्तमान में वह अरबों रुपये का कारोबार कर रहे हैं। ऐसे में उन पर प्रदेश सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की रियायतें लौटाना किसी भी तरह वाजिब नहीं है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव अब खुले बाजार के धनासेठों की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने राजकोष में करोडों रुपये की चपत लगाने का जो कारनामा पतंजलि योग पीठ को विशेष श्रेणी में रखकर किया है वह सरासर नाजायज है क्योंकि वह किसी भी तरह विशेष श्रेणी के पात्र नहीं है।

उधर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा की कांग्रेस सरकार ने पहले खुद लीज रद्द की और उसके बाद खुद ही दोबारा देने के लिए भी राजी हो गई लेकिन दी नही ! उन्होंने कहा की बाबा राम देव को मुफ्त में जमीन नही दी गई बल्कि कानून के तहत उन्हें जमीन दी गई और लीज का जितना पैसा बनता था वो भी लिया और नियमो का पालन भी किया गया है !

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *