श्रावण मास के पहले सोमवार को शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

श्रावण मास के पहले सोमवार को शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
बम बम भोले के जयकार से गूंजे मन्दिर

कुल्लू, जितेन्द्र कुमार :  श्रावण मास के पहले सोमवार के चलते जिला कुल्लू के शिवालयों में शिवजी की पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़ी। घाटी में शिव के मंदिर भगवान शिवजी के जयकारों से परिसर गूंजते रहे। वही, मन्दिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने शिवजी का दूध से स्नान करवाया और शिवलिंग एवं शिवप्रतिमा का दूध एवं जल से अभिषेक भी किया गया।

इस दौरान महिलाओं ने बेलपत्री चढ़ाकर भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की। जिला कुल्लू के बजौरा में सिथत विशेश्वर महादेव के मंदिर में शिवलिंग की पूजा अर्चना एवं परिक्रमा के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।

गौर रहे कि श्रावण माह में अब रूद्र निर्माण एवं पूजा अर्चना के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। पूरे श्रावण मास में शिवजी की आराधना श्रद्धालुओं द्वारा भक्ति भाव से की जाती है। मन्दिर के पुजारी का कहना है कि सावन माह में भोले के अभिषेक का विशेष महत्व है। शिवपुराण के अनुसार श्रावण माह में रूद्राभिषेक अनुष्ठान शुक्ल यजुर्वेद मंत्रों से होता है। इसमें पूरे 212 मंत्रों की साधना से हर मनोकामना पूरी होती है। जलाभिषेक से वर्षायोग बनता है तो दही से अभिषेक करने पर पशुधन की प्राप्ति होती है। इसके अलावा गन्ना, मधु, घी से अभिषेक करने पर लक्ष्मी का वास और दुग्धधारा अभिषेक से पुत्र प्राप्ति के साथ बुद्धि निर्मल होती है। सरसों के तेल से अभिषेक करने पर शत्रुओं में मैत्री का भाव आता है और रोग व्याधि का नाश होता है।

आपको बता दे की विशेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास पांडवो के समय का है। कहा जाता है की पांडवो ने अज्ञातवास के समय एक रात में ही मंदिर का निर्माण किया था।

साथ ही स्थनीय लोगो के साथ बाहरी राज्यों के श्रद्धालु यहाँ भगवान भोलेनाथ के दरबार मैं शीश नवाने आते है मंदिर के पुजारी का कहना है की यहाँ मांगी जाने वाली मनोकामना अवश्य पूरी होती है मंदिर की प्राचीन महत्ता होने के चलते राष्ट्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा मंदिर को संरक्षित स्मारक घोषित किया गया है मंदिर के 100 से 200 मीटर के आस पास किसी भी तरह के निर्माण की मनाही है।

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